विपस्सना मनुष्य-जाति के इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण ध्यान-प्रयोग है । जितने व्यक्ति विपस्सना से बुद्धत्व को उपलब्ध हुए उतने किसी और विधि से कभी नहीं । विपस्सना अपूर्व है ! विपस्सना शब्द का अर्थ होता है : देखना, लौटकर देखना । बुद्ध कहते थे : इहि पस्सिको, आओ और देखो ! बुद्ध किसी धारणा का